शनिवार, 31 जुलाई 2021

डिस्ट्रिब्यूशन बायोमेट्रिक मशीनें में फॉल्ट, उपभोक्ताओं को नहीं मिल रहा समय पर राशन

  डिस्ट्रिब्यूशन बायोमेट्रिक मशीनें में फॉल्ट, उपभोक्ताओं को नहीं मिल रहा समय पर राशन

घरौंडा: पवन अग्रवाल

 सरकारी डिपो होल्डरों की कुछ डिस्ट्रिब्यूशन बायोमेट्रिक मशीनें में फॉल्ट आ रहा है। इससे न सिर्फ डिपो होल्डरों को दिक्कतें पेश आ रही है बल्कि उपभोक्ताओं को भी राशन समय पर नहीं मिल पा रहा है। डिपो होल्डरों को एक-दूसरे की मशीनें लेकर काम चलाना पड़ रहा है। डिपो होल्डरों का आरोप है कि कंपनी के पास इमरजेंसी के लिए अतिरिक्त मशीने भी नहीं होती। जिसका खामियाजा उपभोक्ताओं और डिपो होल्डरों दोनों को ही भुगतना पड़ता है। मशीनों के मुद्दे को  कई बार खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की बैठकों में भी उठाया गया है लेकिन आश्वासन ही मिले है।
सरकारी डिपो पर मेनुअल एंट्री का काम समाप्त हो चुका है। डिजिटल तरीके से मशीनों में राशन की एंट्री होती है और बायोमैट्रिक प्रक्रिया के जरिये ही उपभोक्ता को राशन वितरित किया जाता है। डिजिटल मशीनों में दिक्कतें आना लाजमी है। डिपो होल्डरों की माने तो सर्वर की प्रोब्लम मशीनों में अक्सर बनी रहती है। दूसरा मशीन के सॉफ्टवेयर में दिक्कत आ जाती है और कभी तो मशीन ही खराब हो जाती है। मशीन को ठीक करवाने के लिए ट्रेक्निकल स्टाफ को फोन करना पड़ता है और उसके बाद मशीन ठीक होती है। यदि मशीन में ज्यादा दिक्कत होती है तो उसे कंपनी के कार्यालय में भी ले जाना पड़ता है और कंपनी कार्यालय में मशीन को ठीक होने में भी कई दिन लग जाते है। ऐसे में कंपनी के पास एक्स्ट्रा मशीने उपलब्ध ही नहीं होती। जिस कारण उपभोक्ता और डिपो होल्डर दोनों परेशान हो जाते है। यदि लास्ट डेट में मशीन खराब हो जाती है तो एक-दूसरे डिपो की मशीन मांगकर काम चलाना पड़ता है। यदि मशीन ही ना मिले तो उपभोक्ता राशन से वंचित रह जाते है। डिपो होल्डरों की माने तो ऐसे 20 से 25 राशन डिपो है जिनकी मशीनें खराब चल रही है और वे किसी परिचित डिपो होल्डर की पीओएस मशीन से काम चला रहे है। डिपो होल्डरों का कहना है कि जिस कंपनी को सरकार ने ठेका दिया हुआ है उसके पास इमरजेंसी के लिए अतिरिक्त मशीने ही नहीं है। इस मुद्दे को कई बार बैठकों में उठाया गया है लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ।
वर्जन-
मशीन खराब होने के दो/चार केस सामने आए जरूर थे, लेकिन उन मशीनों को तुरंत ठीक करवा दिया गया था। मशीनों को लेकर ऐसी कोई दिक्कत नहीं है। जब भी कोई दिक्कत आती है उसका समाधान किया जाता है।
-नितेश शर्मा, इंस्पेक्टर खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी घरौंडा।

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