शनिवार, 31 जुलाई 2021

स्टौंडी की पॉवर हाउस कालोनी के लिए आफत बना बरसात व खेतों का पानी

 हालातों से लड़ रहे है ग्रामीण, घरों में पानी घुसा तो आंगनवाड़ी व कम्युनिटी हाल का लिया आश्रय, सुनने वाला कोई नहीं

घरौंडा: पवन अग्रवाल

मानसून की बरसात व खेतों का पानी स्टौंडी गांव की पॉवर हाउस कालोनी के लिए आफत बनकर सामने आई है। पानी की निकासी न होने के कारण खेतों का पानी कालोनी के घरों में घुस चुका है। सड़कें और गलियों को पानी ने अपनी आगोश में लिया हुआ है। आलम यह है कि घरों में कई कई फुट पानी खड़ा होने से कई परिवारों को आंगनबाड़ी व कम्युनिटी हाल में आश्रय लेने को मजबूर होना पड़ा है। कालोनी में गलियों के निर्माण पर भी ग्रामीणों ने सवालिया निशान खड़े किए है। कालोनी के प्लाटो में से मिट्टी उठाकर गली में डाले जाने से गहरे-गहरे गड्ढे बन चुके है। जिसमें कोई भी बच्चा डूब सकता है। घर से बाहर आते ही लोगों के कपड़े गीले हो जाते है। कालोनी के लोग नरकीय जीवन जीने को मजबूर है। शासन व प्रशासन को भी गुहार लगाई गई लेकिन वहीं ढाक के तीन पात वाली बात हो गई। शासन व प्रशासन अपनी आंखें मूंदे बैठा है। समस्या आज से नहीं बल्कि कई सालों से है। सुनने वाला कोई नहीं है, लेकिन आज भी कालोनिवासी हालातों से लड़ रहे है।

स्टौंडी गांव की पॉवर हाउस कालोनी का लेवल काफी नीचे है। जैसे ही बरसात होती है तो खेतों में होने वाला जलभराव कालोनी की तरफ बढऩे लग जाता है। चूंकि पानी की निकासी नहीं है और कालोनी में ही पानी एकत्रित हो जाता है। घरों के साथ-साथ आंगनवाड़ी व कम्युनिटी सेंटर तक पानी से भरे हुए है। ग्रामीण जोगिंद्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र, प्रवीन, अशोक, राजेश, चंद्र, पवन, देवी दयाल व अन्य ने बताया कि विकास का ढिंढोरा पूरे देश में पिटा जा रहा है लेकिन धरातल की तस्वीर कुछ ओर ही है। बीते कई दिनों से पॉवर हाउस कालोनी में दो से तीन फुट तक पानी खड़ा हुआ है। यह पानी खेतों का है। कालोनी अवैध नहीं है बल्कि सरकारी प्लॉट कटे हुए है। जहां 30 से 40 परिवार गुजर बसर कर रहे है। कई परिवार तो ऐसे है जिनके घर ही पानी में डूब चुके है। गलियां और कालोनी पानी से लबालब है बाढ़ जैसे हालात बने हुए है। जब पानी नीचे उतरेगा तो बीमारियों का संकट कालोनी के लोगों को झेलना पड़ेगा। सुनने वाला कोई नहीं, शासन व प्रशासन तमाशबीन बना हुआ है।


घर में पानी घुसा तो आंगनवाड़ी में लिया आश्रय-
ग्रामीण राजेश, चंद्र, पवन व कृष्ण कुमार के घरों में पानी घुस चुका है। जहां रहना तो दूर खड़ा होना भी मुश्किल है। लिहाजा पवन व कृष्ण ने आंगनबाड़ी केंद्र में आश्रय लिया है। यहीं पर खाना बनाया जाता है और वहीं पर पशु बांधे जाते है। वहीं राजेश व चंद्र ने कम्युनिटी हालनुमा चौपाल में डेरा डाला है। घर से बेघर हुए चारों परिवार शासन और प्रशासन को कोस रहे है।
वर्जन-
स्टौंडी गांव की पॉवर हाउस कालोनी में जलभराव का मामला संज्ञान में आया है। सचिव का मौके पर भेजा गया था। मैं खुद भी मौके का मुआयना करूंगा। पानी की निकासी के लिए विकल्प तलाशा जाएगा कि किस तरह से पानी को यहां से निकाला जाए और खेतों का पानी कालोनी में ना आए। ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से हल किया जाएगा।
-नरेश कुमार, बीडीपीओ मुनक।

डिस्ट्रिब्यूशन बायोमेट्रिक मशीनें में फॉल्ट, उपभोक्ताओं को नहीं मिल रहा समय पर राशन

  डिस्ट्रिब्यूशन बायोमेट्रिक मशीनें में फॉल्ट, उपभोक्ताओं को नहीं मिल रहा समय पर राशन

घरौंडा: पवन अग्रवाल

 सरकारी डिपो होल्डरों की कुछ डिस्ट्रिब्यूशन बायोमेट्रिक मशीनें में फॉल्ट आ रहा है। इससे न सिर्फ डिपो होल्डरों को दिक्कतें पेश आ रही है बल्कि उपभोक्ताओं को भी राशन समय पर नहीं मिल पा रहा है। डिपो होल्डरों को एक-दूसरे की मशीनें लेकर काम चलाना पड़ रहा है। डिपो होल्डरों का आरोप है कि कंपनी के पास इमरजेंसी के लिए अतिरिक्त मशीने भी नहीं होती। जिसका खामियाजा उपभोक्ताओं और डिपो होल्डरों दोनों को ही भुगतना पड़ता है। मशीनों के मुद्दे को  कई बार खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की बैठकों में भी उठाया गया है लेकिन आश्वासन ही मिले है।
सरकारी डिपो पर मेनुअल एंट्री का काम समाप्त हो चुका है। डिजिटल तरीके से मशीनों में राशन की एंट्री होती है और बायोमैट्रिक प्रक्रिया के जरिये ही उपभोक्ता को राशन वितरित किया जाता है। डिजिटल मशीनों में दिक्कतें आना लाजमी है। डिपो होल्डरों की माने तो सर्वर की प्रोब्लम मशीनों में अक्सर बनी रहती है। दूसरा मशीन के सॉफ्टवेयर में दिक्कत आ जाती है और कभी तो मशीन ही खराब हो जाती है। मशीन को ठीक करवाने के लिए ट्रेक्निकल स्टाफ को फोन करना पड़ता है और उसके बाद मशीन ठीक होती है। यदि मशीन में ज्यादा दिक्कत होती है तो उसे कंपनी के कार्यालय में भी ले जाना पड़ता है और कंपनी कार्यालय में मशीन को ठीक होने में भी कई दिन लग जाते है। ऐसे में कंपनी के पास एक्स्ट्रा मशीने उपलब्ध ही नहीं होती। जिस कारण उपभोक्ता और डिपो होल्डर दोनों परेशान हो जाते है। यदि लास्ट डेट में मशीन खराब हो जाती है तो एक-दूसरे डिपो की मशीन मांगकर काम चलाना पड़ता है। यदि मशीन ही ना मिले तो उपभोक्ता राशन से वंचित रह जाते है। डिपो होल्डरों की माने तो ऐसे 20 से 25 राशन डिपो है जिनकी मशीनें खराब चल रही है और वे किसी परिचित डिपो होल्डर की पीओएस मशीन से काम चला रहे है। डिपो होल्डरों का कहना है कि जिस कंपनी को सरकार ने ठेका दिया हुआ है उसके पास इमरजेंसी के लिए अतिरिक्त मशीने ही नहीं है। इस मुद्दे को कई बार बैठकों में उठाया गया है लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ।
वर्जन-
मशीन खराब होने के दो/चार केस सामने आए जरूर थे, लेकिन उन मशीनों को तुरंत ठीक करवा दिया गया था। मशीनों को लेकर ऐसी कोई दिक्कत नहीं है। जब भी कोई दिक्कत आती है उसका समाधान किया जाता है।
-नितेश शर्मा, इंस्पेक्टर खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी घरौंडा।

पोपलेन से खुदाई कर तैयार किया गया कालरम गांव का सिंगल पोंड नहीं झेल पाया मानसून की बरसात

 तालाब के ओवरफ्लो होने से गलियों व घरों तक पहुंचा गंदा पानी, ग्रामीण परेशान, प्रशासन से समाधान की दरकार

घरौंडा: पवन अग्रवाल
लाखों रुपए खर्च करके तैयार किया गया कालरम गांव का सिंगल पोंड मानसून की बारीश भी नहीं झेल पाया। तीन दिन से लगातार हो रही बरसात से तालाब ओवरफ्लो हो चुका है। जोहड़ से पानी की निकासी न होने के कारण बरसात का पानी गलियों से होकर लोगों के घरों तक पहुंच गया है। ग्रामीण शासन व प्रशासन को कोसते नजर आ रहे है। ग्रामीणों ने जोहड़ की खुदाई के नाम पर खानापूर्ति के आरोप लगाए है। ग्रामीणों का कहना है कि पोपलेन से तालाब की खुदाई की गई लेकिन तालाब के साइडो की मिट्टी किनारों पर लगा दिया गया है। प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा अब ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है।

जून माह में कालरम गांव के बस स्टैंड वाले तालाब की खुदाई का कार्य शुरू किया गया था। जिसका मकसद गांव में गंदे पानी व तालाब ओवरफ्लो की दिक्कतों का समाधान करना था। खुदाई का कार्य शुरू हुआ। मशीन द्वारा मिट्टी को साइडो से खोदा गया और किनारों पर ही लगा दिया गया। सही तरीके से कार्य न होने का नुकसान अब ग्रामीण झेल रहे है। ग्रामीण बलबीर रोहिला, राकेश राणा, मोहित, विशाल, बीरमती, अंगूरी देवी, राजेश राणा, विकास, मांगे राम, नरेश कुमार व अन्य का कहना है कि मानसून की शुरूआती बरसात में ही तालाब पानी से भर चुका था। अंदेशा था कि भारी बरसात के कारण तालाब ओवरफ्लो होगा और इसका पानी लोगों के घरों में घुसेगा। बीते दो दिनों से रूक रूक कर हो रही बरसात ने तालाब को ओवरफ्लो कर दिया था। पानी गलियों में खड़ा हो चुका था लेकिन वीरवार-शुक्रवार की दरमियानी रात में हुई बरसात ने पानी घरों तक पहुंचा दिया। पोंड के चारों तरफ मिट्टी डालने की वजह से तालाब से बरसाती नाले में नहीं जा पा रहा है। जिसके कारण ग्रामीण परेशान हो चुके है। ग्रामीणों का कहना है कि लोगों को अपने मकानों से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है। स्कूली बच्चों को भी गलियों में खड़े पानी से होकर स्कूलों तक पहुंचना पड़ता है। शासन और प्रशासन का ग्रामीणों की दिक्कतों की तरफ कोई ध्यान नहीं है। ग्रामीणों ने प्रशासन से समस्या के समाधान की मांग की है।

यमुना पुल पर दूध डेयरी संचालक से डेढ़ लाख की नकदी छीनकर फरार हुए दो बाइक सवार

 मंगलगढ़ी के पास यमुना पुल पर दूध डेयरी संचालक से डेढ़ लाख की नकदी छीनकर फरार हुए दो बाइक सवार, पीडि़त ने फायरिंग का भी लगाया आरोप, पुलिस ने दो अज्ञात लोगों के खिलाफ किया मामला दर्ज

 
घरौंडा: पवन अग्रवाल
मंगलगढ़ी के पास दो बाइक सवार युवक दूध डेयरी संचालक से डेढ़ लाख रुपए की नकदी छीनकर फरार हो गए। डेयरी संचालक ने बाइक सवारों पर फायर करने का भी आरोप लगाया है और मामले की शिकायत पुलिस को की है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर दो अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर छानबीन  शुरू कर दी है।
देवीपुर निवासी हरिंद्र पुत्र नरेश कुमार की बरसत गांव में दूध की डेयरी है। हरिंद्र हर रोज की तरह वीरवार की देर रात करीब नौ बजे अपनी दुकान बंद करने के बाद बाइक पर अपने साथी रणदीप के साथ बाइक पर घर जा रहा था। जैस्े ही वे मंगलगढ़ी के पास यमुना पुल पर पहुचें तो उनके पीछे से एक बाइक आई। बाइक पर दो युवक सवार थे। 
आरोप है कि इन युवकों ने हरिंद्र का काले रंग का बैग छीन लिया। जिसमें करीब डेढ लाख रुपए की नकदी थी। बैग लेकर फरार होता देख हरिंद्र ने अपनी बाइक बदमाश युवकों के पीछे लगा दी। बैग छीनकर आगे जा रहे एक बाइक सवार ने उन पर फायर भी किया। जिससे हरिंद्र व उसका साथी बाल बाल बच गए। पुलिस ने शिकायत के आधार पर दो अज्ञात युवकों के खिलाफ मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
वर्जन-
देवीपुर के हरिंद्र ने अपने साथ हुई छीना झपटी की शिकायत दी है। शिकायत में दो युवकों पर डेढ लाख रुपए से भरा बैग छीनने का आरोप लगाया है। हवाई फायर की भी बात सामने आई है। दो अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। छानबीन शुरू कर दी गई है।
 -दीपक कुमार, थाना प्रभारी घरौंडा
 

जहां न पहुँचे सरकार- वहाँ पहुँचें पत्रकार

 जहां न पहुँचे सरकार- वहाँ पहुँचें  पत्रकार

वीरेंद्र पाठक
पूर्व सैनिक बैंक अधिकारी
       हमारे देश के पत्रकार अदम्य साहस के परिचायक हैं, वीरप्पन जैसे दुर्दान्त तस्कर हों या अपराधी, माफिया, आतंकवादी या फिर हिडमा सरीखे नक्सली कमांडर, ये लोग सुगमता से उन तक पहुँच कर उनका साक्षात्कार करने में सहज ही सफल हो जाते  हैं। कुछ महीने पहले Zee News के एक पत्रकार ने मेवात में नक़ली दूध बनानेवाले का विडियो  इन्टर्व्यु प्रसारित किया था जिसमें स्पष्टत: दिखाया गया कि किस तरह कैमिकल से नक़ली दूध बनाया जाता है, उन्होंने यह भी बताया कि उनके पास कोई दुधारू पशु नहीं है वो केवल नक़ली दूध बनाकर दिल्ली NCR में कई टैंकर दूध सप्लाई करते हैं। ये सब सरकार की नाक तले हो रहा है, परन्तु सरकार व प्रशासन की आँख न जाने क्यों बन्द हैं,  मिडिया तो ऐसे तत्वों तक आसानी से पहुँच सकता है, WHO इस बात पर अपनी प्रतिक्रिया दे सकता है, सरकारी तन्त्र कोई कदम नहीं उठा सकता, क्यों न इस सब को सरकारी तन्त्र द्वारा पोषित प्रोग्राम माना जाए व भ्रष्टाचार मुक्त भारत का सपना केवल भ्रम ही मान कर रहा जाए।
      हाल ही में एक युवा साहसी पत्रकार ने तो कमाल के साहस का परिचय देकर साक्षात करोना से साक्षात्कार कर प्रकाशित कर डाला, साक्षात्कार में करोना ने निम्न उल्लेख किये:-बताया कि विकसित देशों के अपने मिशन के दौरान उसे भारत की तुलना में अनेकों कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, वहाँ की सुदृढ़ व्यवस्था, लोगों का अनुशासित व चरित्रवान होना आदि, परन्तु इस देश में  कुव्यवस्था, अनुशासनहीनता, भ्रष्टाचार व धर्मों ने मेरे मिशन में अत्याधिक सहयोग दिया। सरकार अगर मेरे मिशन के विरुद्ध कोई प्रयास करना भी चाहती तो विपक्ष देशहित को ताक पर रख कर मुझे पूर्ण सहयोग करता, लोगों को भड़का कर पलायन करवा मेरा काम आसान करता, आवश्यक  दवाओं व सामग्रियों के कालाबाज़ारियों ने बढ़ चढ़ कर मेरा साहस वर्धन किया, धर्म या धार्मिक उत्सवों ने तो मेरे वारे न्यारे ही कर दिये, क्या तबलिगी जमात, क्या तीर्थ यात्राएँ, कुम्भ से लेकर कलश यात्राओं तक सभी का तो मैं ऋणी हो गया, परन्तु  कहीं तो मैं भी शर्म से पानी-पानी हो जाता जब देखता था कि एक तरफ़ तो मेरे घात से मृतकों के दाह संस्कार पर विलाप करते परिजन, व ठीक उसके बग़ल में ऊँचे स्वरों वाले डी जे की गूंज पर नाचते गाते बाराती। मानव नीचता की ये पराकाष्ठा मुझ जैसे दानव को भी द्रवित कर देती, मेरे विरुद्ध तय किये गए सुरक्षा नियमों को मैंने यहाँ तार तार होते देखा। 
एक नियम को छोड़कर, नियमों की सूची में इस एक नियम का नाम है सोशल डिस्टैंसिंग ( सामाजिक दूरी) जिसका पालन तो भारत में बहुत पहले से ही हो रहा है, मैंने भी अनुभव किया कि वास्तव में नेता व जनता में यहाँ कितनी दूरी है, भरपूर प्रयास के बाद भी मैं किसी नेता या अभिनेता को संक्रमित नहीं कर पाया, कारण है ये लोग तो अपने महल के परकोटे (छज्जे) से ही जनता से मिलते हैं, जब किसी से सम्पर्क होगा नहीं तो संक्रमण कैसे होगा? जिन नेताओं या अभिनेताओं ने कोविड पाजिटिव होने का दावा किया वो सब उनके पब्लिसिटी स्टंट थे, वास्तविकता तो मैं जानता हूँ,  मेरा नाम तो उन्होंने अपनी लोकप्रियता मापने के यन्त्र के रूप में प्रयोग किया, वरना मेरी पकड़ तो मकर से भी अधिक मज़बूत है जिसमें आने के बाद बच पाना सम्भव नहीं। 
        मेरे विरुद्ध रोग रोधक दवा के प्रयोग का निहित स्वार्थियों ने जम कर विरोध किया, वैक्सीन न लेने के लिए भड़काया, जनता की अन्ध भक्ति वो चाहे धर्म गुरुओं के प्रति हों या नेताओं के प्रति, मुझे बहुत रास आई।
        पहली दौर में तो मुझे लगा कि यहॉ मेरी दाल कम गलेगी, पूरे देश में ताली व थाली बजाई, दिए जलाए, मैं तो समझा कि यह सब मेरे स्वागत में हो रहा है पर यह तो मेरे बहिष्कार का एक जुमला था, लोग को घरों में बन्द रहने के फ़रमान हुए, मुँह नाक ढक कर रहने का आदेश हुआ, बाज़ार बन्द कर दिये गए, सभी तरह के यातायात पर बंदिश लगा दी, पर जैसे ही मेरा प्रकोप कम होता दिखा तो सब लोग ऐसे बे डर हो गए जैसे कुछ हुआ ही न हो, मैं दोबारा और भयानक रूप लेकर आया, मेरा क़हर इतना क़ातिलाना था कि चारों तरफ़ हाहाकार मच गया, अस्पतालों में न जगह, न आक्सीजन व ज़रूरी दवा बाज़ार से ग़ायब हो गई, कितने ही लोगों में अपनों को खो दिया, कहीं तो पूरे के पूरे परिवार बर्बाद होकर रह गए, मगर धन्य हैं भारत के जयचन्द, जो प्रत्यक्ष रूप से मेरे सहयोग में जुटे रहे, लोगों को गुमराह करते रहे, मुझे तरस भी आता है यहाँ के लोगों की मति पर जो आँख मूँदकर इन निहित स्वार्थी लोगों के पीछे चलते रहे। 
         दूसरा दौर अभी समाप्त भी नहीं हुआ और नियमों में जरा सी ढील क्या मिली कि लोग स्वतन्त्रता अनुभव कर मेरे विरुद्ध तय किए सभी नियमों की जमकर धज्जियाँ उड़ाने लगे। मेरा नया रूप देखने को इतने बेचैन लोग मुझे पूरी दुनिया में कहीं नहीं मिले, मेरे नये रूप की तीसरी लहर की कड़ी चेतावनी के बावजूद लोग फिर से मेरे स्वागत सत्कार के लिए जी जान से लगे हैं इन लोगों का उत्साह देखते ही बनता है।
        यहाँ के आतिथ्य ने मेरा तो मन मोह लिया, एक आदमखोर का इतना सत्कार देख कर तो मन यहीं बस जाने को करता है पर विवश हूँ, विश्व विजय के मिशन पर जो हूँ, फिर भी विभिन्न रूप धारण कर बार बार यहाँ आने की कोशिश करता रहूँगा.............. अगर यहाँ के लोग न संभले तो!
        मेरी इस व्यंग्य रचना का  प्रेरणास्रोत हम लोगों का चिर परिचित व्यवहार व अनुशासनहीनता का अनुभव है।
 
प्रस्तुति:
पवन अग्रवाल, करनाल

शुक्रवार, 30 जुलाई 2021

लायंस क्लब हापुड़ रॉयल द्वारा वृक्षारोपण किया गया।

लायंस क्लब हापुड़ रॉयल द्वारा वृक्षारोपण किया गया।     

हापुड़ : आशीष जिन्दल

                 लायंस क्लब हापुड़ रॉयल द्वारा रविवार की सुबह अपना घर कॉलोनी पार्क  में  प्रकृति की रक्षा के लिए  वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। क्लब के सभी सदस्यों ने बड़ चड़ कर इसमें हिस्सा लिया व प्रकृति को हरा भरा बनाए रखने का प्रण लिया।
 क्लब के प्रधान लायन अचिन जैन, सचिव लायन मयंक मित्तल, कोषाध्यक्ष लायन हर्षित गुप्ता, चेयरमेन लायन अंकित कंसल ने सभी को अधिक से अधिक  वृक्ष लगाने के लिये  आह्वान किया।
 इस अवसर पर लायन अमित शर्मा , लायन संदीप जी , लायन रेशु जिंदल ,लायन आशीष शर्मा, लायन मोहित गोयल,लायन सुमित जिंदल , लायन गोपाल गोयल,लायन दीपेश जैन, लायनेस मेघा जैन, लायनेस मल्लिका मित्तल, लायनेस शिवि गोयल, लायनेस रचना जिंदल, लायनेस डाली शर्मा ,लायनेस मीनाक्षी व लायनेस शिवांगी जिंदल  आदि उपस्थित रहे!


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गुरुवार, 29 जुलाई 2021

जन जागरूकता केंद्र ने ग्राम दोमयी में लगाये फलदार पौधे : पूनम गर्ग

जन जागरूकता केंद्र ने ग्राम डोमयी में लगाये फलदार पौधे : पूनम गर्ग

हापुड़ : - आशीष जिन्दल

जन जागरूकता केंद्र ने जनपद हापुड़ के ग्राम दोमयी में एसोसिएशन ऑफ एलायंस क्लब 142 टीम प्रयास द्वारा वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
केंद्र के आसपास विभिन्न प्रकार के फल देने वाले पौधे जैसे जामुन अनुरोध लगाए गए उपलक्ष पर जिलाध्यक्ष अलका चंद्र चेयर पर्सन रितु वर्मा मनीषा शर्मा अध्यक्षा पूनम गर्ग सचिव मीनाक्षी अग्रवाल रीता सिंह डायरेक्टर साक्षी त्यागी विनय त्यागी है अनुराग त्यागी सहित गांव की अन्य महिलाएं में उपस्थित रहीं।



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बुधवार, 28 जुलाई 2021

सरकारी सेवाओं का लाभ लेने के लिए परिवार पहचान पत्र जरूरी: निशांत यादव

 आय व जाति वैरिफिकेशन के कार्य में जनता करे सहयोग : डीसी यादव


करनाल: पवन अग्रवाल 

उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने बताया कि परिवार पहचान पत्र में आय  व जाति वैरिफिकेशन का कार्य जारी है। इस कार्य में चयनित लोकल कमेटी लगी हुई है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे परिवार पहचान पत्र में आय व जाति वैरिफिकेशन के कार्य में सहयोग दें। इसके अतिरिक्त जिन्होंने अभी तक परिवार पहचान पत्र नहीं बनवाएं हैं वो अपना पीपीपी कार्ड बनवाना सुनिश्चित करें और जिसका पहचान पत्र बन चुका है वह उसको अपडेट कर लें। अब सरकारी योजनाओं व सेवाओं का लाभ सभी लोगों को परिवार पहचान पत्र के आधार पर ही मिलेगा।

 उन्होंने बताया कि यह महत्वाकांक्षी परियोजना हर परिवार को समृद्ध और खुशहाल बनाने में मील का पत्थर साबित होगी, क्योंकि अब सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को परिवार पहचान पत्र से जोड़ दिया है। इससे उन्हें न तो कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ेंगे और न ही किसी कर्मचारी की जी-हजूरी करनी पड़ेगी।
 उन्होंने बताया कि परिवार पहचान पत्र एक विस्तृत डाटा बेस है जिसमें नागरिकों की सभी प्रकार की जानकारी शामिल होती हैं। इसमें परिवार की आर्थिक स्थिति सहित परिवार के सदस्यों की आयु, जाति, शिक्षा, रहन-सहन व संसाधनों आदि का पूरा विवरण जुटाया जा रहा है। इसी जानकारी के आधार पर सरकारी योजनाओं का लाभ, वास्तव में हकदार लोगों को समय पर मिल सकेगा। 

उपायुक्त ने बताया कि 60 साल की आयु पूरी होने पर वृद्धावस्था सम्मान भत्ता पेंशन और 18 साल की आयु होने पर मतदाता पहचान-पत्र जैसी योजनाओं का लाभ निर्धारित समय पर अपने-आप ही मिल जाएगा। इससे सरकारी कार्यलयों में पारदर्शिता बढ़ेगी, प्रभावशाली लोगों का हस्तक्षेप समाप्त हो जाएगा और केवल पात्र व्यक्ति ही योजना का लाभ उठा सकेंगे।

मेरा पानी मेरी विरासत स्कीम के अंर्तगत पंजीकरण हेतु लगाए जा रहे हैं जागरूकता कैम्प : डा. मदन लाल

 मेरा पानी मेरी विरासत स्कीम के अंर्तगत पंजीकरण हेतु लगाए जा रहे हैं जागरूकता कैम्प : डा. मदन लाल


करनाल: पवन अग्रवाल 

 जिला बागवानी अधिकारी डा. मदन लाल ने बताया कि मेरा पानी मेरी विरासत स्कीम के अंर्तगत पंजीकरण हेतु जागरूकता कैम्प लगाने का कार्य जारी है। इन कैम्पों में बागवानी को बढ़ावा देने के लिए उपस्थित किसानों को सभी स्कीमों के बारे में जागरूक किया जा रहा है। 

उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा किसानों को फसल विविधिकरण के लिए 15000 रुपये प्रति एकड़ का लाभ दिया जाता है। जिन किसानों ने पूर्व में फसल विविधिकरण किया हुआ है, उनमें काफी किसान बागवानी की अच्छी तकनीक अपनाकर प्रति एकड़ लाखों रुपये कमा रहे हंै। फसल विविधिकरण के तहत किसान धान को छोड़कर कोई भी फसल जैसे बाग, सब्जी, फूल, मसालेदार फसल इत्यादि लगा सकते हंै।
 उन्होंने बताया कि मेरा पानी मेरी विरासत स्कीम से 7000 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि के अलावा अन्य लगाई गई फसल पर अलग से अनुदान दिया जाएगा। सरकार द्वारा सब्जी, फूल, मसालेदार फसलों का मार्के ट में भाव कम मिलने पर उसकी भरपाई के लिए भावान्तर योजना तथा फसल पर प्राकृतिक आपदा के लिए मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना चलाई गई है।

गुमशुदा बच्चों को परिवार से मिलवाएगा मिलाप अभियान

 गुमशुदा बच्चों को परिवार से मिलवाएगा मिलाप अभियान


करनाल: पवन अग्रवाल 

 जिला बाल संरक्षण इकाई, महिला एवं बाल विकास कार्यालय की ओर से गुमशुदा बच्चों को उनके परिवार से मिलवाने के लिए मिलाप नाम से कैंपेन चलाया जा रहा है। जिला बाल सरंक्षण अधिकारी रीना रानी ने बताया कि इस कैंपेन के दौरान बच्चों अभिभावकों व अन्य आमजन को बाल सुरक्षा में उसके लिखित रिपोर्ट करने व महत्वपूर्ण दूरभाष नंबरों  के माध्यम से शिकायत करने बारे जागरूक किया जा रहा है। 

उन्होंने बताया कि बच्चे के गुमशुदा होने पर कोई भी व्यक्ति, अभिभावक, सामाजिक संस्थाएं या कोई भी ऐसा व्यक्ति जिसे घटना के बारे में पता हो वह स्थानीय पुलिस, स्पेशल जूविनाइल पुलिस यूनिट या मानव तस्करी विरोधी इकाई या पीसीआर नंबर पर संपर्क कर इस बारे में सूचना दें सकते हंै।

कोरोना संक्रमण के फैलाव से बचने के लिए रहें सतर्क, बरतें सावधानी : डा. योगेश शर्मा

 कोरोना संक्रमण के फैलाव से बचने के लिए रहें सतर्क, बरतें सावधानी : डा. योगेश शर्मा

 
करनाल: पवन अग्रवाल 

सिविल सर्जन डा. योगेश शर्मा ने बताया कि कोरोना संक्रमण के फैलाव से बचने के लिए हमें और सतर्क रहते हुए सावधानियां बरतने की आवश्यकता है। सावधानियां बरतकर काफी हद तक हम इस संक्रमण के फैलाव को रोक सकते हैं।

 सिविल सर्जन ने बताया कि कोविड-19 के दृष्टिगत जो भी हिदायतें हैं उसकी हमें शत प्रतिशत पालना करनी है। कोरोना काल में अनावश्यक रूप से आमजन को बाहर नहीं निकलना चाहिए यदि जरूरी हो तो तभी घर से निकले। घर से बाहर निकलते समय हमें सावधानियां बरतनी है, जिसके तहत घर के लिए सामान लाते समय टोकरी, बैग आदि एवं सैनिटाइजर साथ में रखें। चेहरे को मास्क या कपड़े से अच्छी तरह ढक कर घर से बाहर निकले। दुकानों में अनावश्यक कुछ ना छूएं और दो गज की दूरी का विशेष ध्यान रखें। एटीएम इस्तेमाल से पहले तथा बाद में हाथों को सैनिटाइजर करें, बाहर जाने के लिए जूता, चप्पल अलग से रखें, घर के अंदर पहनकर ना जाएं। उन्होंने कहा कि सतर्कता ही बचाव है, इसलिए हमें इन हिदायतों की पालना करनी है।

नशा मुक्त समाज की कल्पना को साकार करने के लिए जागरूकता जरूरी

युवा पीढ़ी को नशे की गिरफ्त में आने से बचाएं : निशांत यादव


करनाल: पवन अग्रवाल

उपायुक्त निशांत यादव ने कहा कि सभ्य समाज में नशे के लिए कोई जगह नहीं है, इसलिए नशा मुक्त समाज बनाने के लिए सभी को सामूहिक प्रयास करने की आवश्यकता है, क्योंकि नशे के कारण ही समाज में विभिन्न प्रकार की कुरीतियों पनपती हैं और कुरीतिहीन समाज की संरचना के लिए सभी प्रकार के नशे का जड़ मूल से खात्मा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे के खिलाफ जागरूक कर इससे होने वाले दुष्प्रभावों बारे अवगत करवाया जाना चाहिए जिससे नशा मुक्त व स्वस्थ समाज का निर्माण हो सके।

 उन्होंने कहा कि नशा मुक्त समाज की कल्पना को साकार करने के लिए हम सबको इसके खिलाफ जन जागरूकता पैदा करनी होगी ताकि हम अपनी युवा पीढ़ी को नशे की गिरफ्त में आने से बचा सकें। इसके लिए सबसे पहले हमें स्वयं जागरूक होना होगा और मिशन के रुप में एकजुट होकर कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि आज समाज में नशा चुनौतीपूर्ण ढंग से बढ़ रहा है, जिसे रोकने के लिए सभी को प्रयास करने होंगे जिससे जिला से नशा जड़ मूल से समाप्त किया जा सके।

 उन्होंने कहा कि नशे से मानसिक पीड़ा के साथ-साथ माइग्रेन, सिरदर्द एवं चक्कर आना, इनसोमनिया (नींद न आने की बीमारी), चिंता, भय, घबराहट, डिप्रेशन, याददाश्त में समस्या आदि बीमारियां उत्पन्न होती है। उन्होंने कहा कि आमतौर पर नशे की गिरफ्त में फंसे लोगों को सिर्फ दवाएं देकर ठीक करने की कोशिश की जाती है। असल में दवाओं के साथ साथ नशा ग्रस्त की काउंसलिंग भी जरूरी है।
 उपायुक्त ने कहा कि नशे का जहर समाज को तेजी से निगल रहा है। भावी पीढ़ी भी नशे की चपेट में आ रही है। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों का प्रयोग एक मनोवैज्ञानिक बीमारी है। नशा सेवन करने वाला इंसान खुद तो तबाह होता ही है साथ ही अपना परिवार भी उजाड़ देता है। नशा त्यागने के लिए दृढ इच्छा शक्ति व संकल्प का होना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि नशे के कारण समाज में आपराधिक घटनाएं भी बढ़ती हैं जोकि भविष्य के लिए चिंता का विषय है। इस प्रकार से नशा केवल व्यक्तिगत नुकसान ही नहीं करता बल्कि पूरे परिवार व समाज को भी बुरी तरह से प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि नशा को समाज से खत्म करना सबकी सामूहिक जिम्मेवारी है। हमें नशे के खिलाफ सभी को एकजुट होकर लडऩा होगा।

ऑक्सी वनों की स्थापना व पुराने पेड़ों के संरक्षण के लिए पेंशन योजना हरियाणा सरकार की अनूठी पहल

 
पर्यावरण को बचाने के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाएं व करें संरक्षण


करनाल: पवन अग्रवाल

इंद्री के विधायक ने कहा कि हरियाणा सरकार ने राज्य भर में ऑक्सीवनों की स्थापना व पुराने पेड़ों के संरक्षण के प्राण वायु देवता पेंशन योजना लागू करके एक अनूठी पहल की है। इस दिशा में करनाल जिला में ऑक्सी वन शुरू हो चुका है, ऐसा पर्यावरण को स्वच्छ और सांस लेने लायक बनाए रखने के उद्देश्य से किया जा रहा है। एक पेड़ जीवन भर के दौरान करीब 70 लाख का ऑक्सीजन देता है। इसलिए, पौधे जरूर लगाएं और उनका संरक्षण भी करें। जितना पौधे लगाएंगे, उतना ही पर्यावरण को बचाएंगे। बड़े वृक्षों के संरक्षण के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अनूठी पेंशन योजना भी शुरू करने का ऐलान किया है जोकि एक सराहनीय कदम है। इस योजना के अंतर्गत वयोवृद्ध वृक्षों की संभाल करने वाले व्यक्तियों या संस्थाओं को राज्य सरकार उनकी इस सेवा के एवज में पेंशन देगी।
 विधायक ने बताया कि जीव-जंतु, पृथ्वी, जल वायु और मिट्टी आदि मिलकर हमारे पर्यावरण को बनाते हैं। इन प्राकृतिक संसाधनों के आपसी असंतुलन को ही पर्यावरण प्रदूषण कहते हैं। पर्यावरण प्रदूषण से सबका जीवन खतरे में पड़ सकता है। एक पेड़ एक बच्चे के बराबर होता है। इसलिए उनका भी संरक्षण जरूरी है। उन्होंने पर्यावरण को प्रदूषित करने वाले कारकों की पहचान करते हुए कहा कि जल प्रदूषण, वायु प्रदूषण, बायो मेडिकल वेस्ट, म्युनिसिपल सॉलिड वेस्ट, ई-कचरा, बैटरी का कचरा आदि मिलकर पर्यावरण को प्रदूषित करते हैं। 
उन्होंने बताया कि पिछले 6 महीने के दौरान प्रदूषण को रोकने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने करनाल में कई कदम उठाए हैं। प्रदूषित जल के शोधन के लिए मल संयंत्रों में ऑनलाइन सिस्टम और नई एसपीआर टैक्नोलॉजी लगाई गई है। उनके पैरामीटर सख्त कर दिए गए हैं जिनका पालन करना अनिवार्य है। इनका पालन न करने वालों पर जुर्माने की राशि का प्रस्ताव दिया गया है। इसके अलावा वाटर एक्ट जिसे जल प्रदूषण नियंत्रण एक्ट 1974 भी कहा जाता है के तहत अवैध रूप से स्थापित उद्योगों के खिलाफ भी विभाग ने कड़ी कार्रवाई की है।

शिव भक्तों की श्रद्धा को देखते हुए पंचायत भवन में गंगाजल का किया प्रबंध

 6 अगस्त तक ले सकेंगे गंगाजल, दूसरे दिन 80 श्रद्धालुओं ने करवाया रजिस्ट्रेशन : निशांत यादव


करनाल: पवन अग्रवाल

उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने बताया कि सावन महीने में शिव भक्तों की श्रद्धा को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा जिला मुख्यालय पर पंचायत भवन, करनाल के प्रांगण में गंगाजल का विशेष प्रबंध किया गया है। गंगा जल वितरण के दूसरे दिन बुधवार को 80 श्रद्धालुओं ने रजिस्ट्रेशन किया जबकि पहले दिन 20 श्रद्धालुओं ने रजिस्टे्रशन करवाया था। रजिस्ट्रेशन के बाद 200 एमएल श्रद्धालुओं को उनके बर्तनों में ही दिया जा रहा है।
 गंगाजल वितरण के नोडल व जिला बाल कल्याण अधिकारी विश्वास मलिक ने बताया कि पंचायत भवन में सुबह 9 बजे से सायं 5 बजे तक शिव भक्तों व श्रद्धालुओं को रजिस्ट्रेशन करवाकर गंगाजल वितरित किया जा रहा है। 
उन्होंने कहा कि गंगाजल प्राप्त करने में किसी को कोई मनाही नहीं है, कोई भी व्यक्ति अपना रजिस्टे्रशन करवाकर मौके पर ही निशुल्क गंगाजल प्राप्त कर सकता है। उन्होंने बताया कि इस बार कोरोना महामारी के कारण श्रद्धालु हरिद्वार नहीं जा सकते थे, क्योंकि हरिद्वार पहुंचकर कांवड़ व गंगाजल लाने पर प्रतिबंध है। इसके लिए उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने प्रयास करके हरिद्वार से करनाल के श्रद्धालुओं के लिए गंगाजल का विशेष प्रबंध करवाया है। सभी श्रद्धालु 6 अगस्त 2021 तक हर रोज सुबह 9 से सायं 5 के बीच में पंचायत भवन से गंगाजल ले सकते हैं।
 उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की है कि शिव भक्त हर रोज सुबह 9 बजे से शाम के 5 बजे के बीच में पवित्र गंगाजल पंचायत भवन नजदीक एनडीआरआई चौक करनाल से प्राप्त करें। गंगाजल वितरण में जिला बाल कल्याण परिषद्, करनाल व चाइल्ड लाइन 1098,  बाल भवन, करनाल जिला प्रशासन का विशेष सहयोग कर रहे हैं जिसमें लगभग सभी कर्मचारी गंगा-जल वितरण में अपनी सेवाएं दें रहे हैं।

सोमवार, 26 जुलाई 2021

भारतमाला परियोजना के तहत करनाल जिला में बनेगा रिंग रोड



विधायक व उपायुक्त ने एन.एच.ए.आई. के अधिकारियों के साथ मीटिंग कर प्रोजेक्ट पर की चर्चा

 
करनाल: पवन अग्रवाल 

सडक़ परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय भारत सरकार की भारतमाला परियोजना के तहत प्रदेश के करनाल जिला में, करनाल रिंग रोड का निर्माण किया जाएगा। इसकी डी.पी.आर. लगभग तैयार हो गई है, जो केन्द्र व राज्य सरकार से अनुमोदित होगी। आगामी सितम्बर तक इस कार्य का टैण्डर लगेगा और दिसम्बर तक रिंग रोड का कार्य शुरू हो सकता है। प्रोजेक्ट को लेेकर सोमवार को लघु सचिवालय के सभागार में विधायक हरविन्द्र कल्याण व उपायुक्त निशांत कुमार यादव की अध्यक्षता में एक मीटिंग हुई, जिसमें एसडीएम घरौंडा डॉ० पूजा भारती, एन.एच.ए.आई. के अम्बाला स्थित कार्यालय के परियोजना निदेशक विरेन्द्र सिंह, तकनीकी प्रबंधक अंकुश मेहता, जिला राजस्व अधिकारी श्याम लाल, सिंचाई विभाग के अधीक्षक अभियंता संजय राहड और जिला वन अधिकारी नरेश रंगा व कार्यकारी अभियंता पीडब्ल्यूडी आर के नैन सहित अन्य अधिकारीगण शामिल हुए।

एनएचएआई की थोड़ी सी कोशिश से किसानों का जीवन हो सकता है सुविधाजनक: विधायक

बैठक में विधायक हरविन्द्र कल्याण ने एनएचएआई के अधिकारियों को कहा कि हमारी थोड़ी सी कोशिश किसानों के जीवन सुविधाजनक हो जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों को आने-जाने के लिए सर्विस रोड़ व रास्ते पर क्रॉसिंग का भी प्रावधान किया जाए। उन्होंने कहा कि इस रिंग रोड़ का सम्पर्क पंडित दीन दयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय कुटेल तक भी हो, ताकि लोगों को सुविधा हो सके। उन्होंने बैठक में यह भी कहा कि ऐसा प्रबंध किया जाए कि यमुनानगर, उत्तर प्रदेश, कैथल व दिल्ली से आने वाले वाहन करनाल शहर में एंट्री की बजाए बाहर हाई-वे से ही निकल जाए, इसके लिए थोड़ी से कोशिश एनएचएआई को करनी होगी। एनएचएआई के परियोजना निदेशक ने कहा कि इस पर विचार किया जाएगा।   
क्या है करनाल रिंग रोड परियोजना

बैठक में प्रोजेक्ट पर चर्चा के दौरान उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने जानकारी दी कि करनाल रिंग रोड साढे 34 किलोमीटर लम्बा होगा और यह जिला के 23 गांवो से होता हुआ जाएगा। इसके लिए 219 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा तथा यह कार्य सितम्बर-अक्तूबर तक कर लिया जाएगा। इसके बाद 15 नवबंर तक सभी अवार्ड दिए जाएंगे और 2021 के अंत तक प्रोजेक्ट के निर्माण का काम शुरू होकर 24 से 30 महीनो में मुकम्मल हो सकता है। इसकी अलाइन्मेंट यानि मार्गरेखा लगभग फाईनल है। भूमिअधिग्रहण और यूटिलिटि शिफ्टिंग के कार्यों पर जितना खर्च आएगा, वह केन्द्र व राज्य सरकार दोनो की तरफ से आधा-आधा होगा।
कहां से कहां तक होगा करनाल रिंग रोड
उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने बताया कि करनाल रिंग रोड 6 लेन का बनेगा, जिसकी चौड़ाई करीब 60 मीटर होगी। करनाल के पश्चिम में शामगढ़ के साथ लगते विवान होटल के आस-पास से यह मार्ग शुरू होकर गांव दरड़ से नेवल, शेखपुरा, गंजोगढ़ी से होते कुटेल के पास टोल प्लाजा तक जाएगा। रिंग रोड की दूसरी अलाइन्मेंट नेशनल हाईवे से गुजरती पश्चिमी यमुना नहर की पटरी पर बनी सडक़ जो कैथल रोड को क्रॉस करती आगे बड़ौता गांव तक जाएगी और वहां से खरकाली, झिमरहेड़ी होते एन.एच.-44 को क्रॉस करते रिंग रोड को मिलेगी। 

रिंग रोड परियोजना में आएंगे यह गांव
उपायुक्त ने बताया कि इस परियोजना में, नीलोखेड़ी के गांव शामगढ़, दादूपर, झंझाड़ी, कुराली, दरड़, सलारू, टपराना, दनियालपुर व नेवल तथा करनाल के गांव कुंजपुरा, सुभरी, छपराखेड़ा, सुहाना, शेखपुरा, रावंर, गंजोगढ़ी, बड़ौता, कुटेल व ऊंचासमाना तथा घरौंडा के गांव खरकाली, झिमरहेड़ी, समालखा व बिजना सहित कुल 23 गांव आएंगे।
रिंग रोड प्रोजेक्ट में शामिल है लॉजिस्टिक पार्क
उपायुक्त ने बताया कि इस परियोजना में करीब 50 हेक्टेयर क्षेत्र में गंजोगढ़ी गांव के पास एक लॉजिस्टिक पार्क बनाया जाना प्रस्तावित है, जिसमें मैकेनाईज्ड वेयर हाऊस और कोल्ड स्टोर बनेंगे।   

क्या है भारतमाला परियोजना

बता दें कि भारतमाला परियोजना एक राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजना है। इसके तहत नए राजमार्गों के अलावा उन परियोजनाओं को भी पूरा करना है, जो अभी तक अधूरी हैं। भारतमाला परियोजना में सडक़ व राष्ट्रीय गलियारों को ओर अधिक बेहतर बनाना और उन्हें विकसित करना है।

रविवार, 25 जुलाई 2021

कारगिल विजय दिवस पूर्व संध्या पर भाविप ने किया काव्य गोष्ठी का आयोजन

 भाविप ने कोरोना योद्धाओं कवियों को पटका पहनाकर सम्मानित किया

घरौंडा: पवन अग्रवाल

कारगिल विजय दिवस पूर्व संध्या पर भारत विकास परिषद ने काव्य गोष्ठी के सम्मान समारोह का आयोजन र्य समाज मंदिर में किया । समारोह में नपा के पूर्व अध्यक्ष सुरेंद्र सिंगला ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत दी। उन्होंने कहा कि सीमा पर शहीद हुए शहीदों की शहादत को कभी भूलाया नही जा सकता। संस्था ने कोरोना योद्धाओं ओर कवियों को पटका पहनाकर सम्मानित किया ।

रविवार को आर्य समाज मंदिर के सभागार में आयोजित कारगिल विजय दिवस व शहीदों के सम्मान में काव्य गोष्टी में पहुचे कवियों ने देश भक्ति व राष्ट्र भावना से ओतप्रोत कविताएं सुनाकर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। 
कार्यक्रम के मुख्यथिति सुरेंद्र सिंगला ने मंच से सम्बोधित करते हुए कहा कि  भारत विकास परिषद समाज मे भारतीय संस्कारो को नई पीढ़ी में  प्रवाहित करने का काम कर रही है । शहीदों के सम्मान में इस तरह के कार्यक्रम के आयोजनों से युवा वर्ग में राष्ट्र प्रेम जागृति पैदा होती है। कार्यक्रम में शहीद  बलजीत सिंह के पिता किशन  चंद को सम्मानीय अथिति के रूप में पहुंचे। 
 परिषद के कार्यक्रम में राज्य शिक्षक सम्मान के लिए चयनित डॉ0 राधेश्याम भारतीय को विशेष रूप से सम्मानित किया गया । 

इस अवसर पर भाविप अध्यक्ष राहुल गर्ग, सचिव वरुण गुप्ता, कोषाध्यक्ष सन्नी बजाज, महिला प्रमुख मीनू शर्मा, पूर्व नपा प्रधान सुभाष गुप्ता, कपिल गुप्ता,विक्रांत राणा,राहुल शर्मा,डॉ जितेंद्र, सुभाष राणा, सुभाष शर्मा, राजेश गर्ग सहित अन्य लोग उपस्थित रहे ।

शनिवार, 24 जुलाई 2021

डिंगर माजरा में श्री विश्वकर्मा मंदिर में की गई मूर्ति स्थापना

 डिंगर माजरा में श्री विश्वकर्मा मंदिर में की गई मूर्ति स्थापना , कुछ माह पहले किसी शरारती तत्व ने किया था प्रतिमा को खंडित


घरौंडा: पवन अग्रवाल

गांव डिंगरमाजरा  में भगवान श्री विश्वकर्मा मंदिर में भगवान विश्वकर्मा की मूर्ति स्थापना की गई। इस अवसर पर हवन-यज्ञ व भंडारे का अयोजन किया गया। भगवान श्री विश्वकर्मा की मूर्ति की पूरे गांव में परिक्रमा की गई। बाद में मूर्ति की मंदिर में स्थापना हुई।
गौरलतब है कि गांव डिंगरमाजरा में किसी शरारती तत्व ने भगवान श्री विश्वकर्मा जी की मूर्ति खंडित कर दी थी। जिससे समाज के लोगों में गहरा रोष था और आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर समाज के लोगों ने प्रदर्शन भी किया था। शनिवार को भगवान श्री विश्वकर्मा की दोबारा मंदिर में मूर्ति स्थापित करने के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया गया।  मंदिर में हवन-यज्ञ किया गया और भगवान श्री विश्वकर्मा की मूर्ति की पूरे गांव में परिक्रमा के साथ-साथ महिलाओं ने कलश यात्रा भी निकाली। एक विशाल भंडारें का आयोाजन किया। 

इस अवसर पर प्रधान आत्मा राम, हुकुम सिंह पांचाल, सुदामा धीमान, रमेश धीमान, सुरेश धीमान, धर्मपाल पांचाल, पार्षद गुलाब धीमान, रमेश पांचाल, सुभाष धीमान, कमल धीमान व अन्य मौजूद रहे। 

आर पी वैल्टार अस्पताल में तीसरा स्थापना दिवस मनाया गया

 आर पी वैल्टार अस्पताल में काॅविड के बाद के प्रभाव पर की वार्ता 

घरौंडा: पवन अग्रवाल
आज बसताडा स्थित आर पी वैल्टार अस्पताल में तीसरा स्थापना दिवस मनाया गया। इस कार्यक्रम में मंच का संचालन शीतल चोपड़ा द्वारा किया गया। इस मौके पर काॅविड के दौरान किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए डॉक्टरों व अन्य स्टाफ को सम्मानित किया गया। अस्पताल के डायरेक्टर गुरमीत सिंह ने प्रेस वार्ता ने बताया कि अगली लहर आने पर हमें मास्क व वैक्सीनेशन का पहले से ही ध्यान रखना है। 
डायरेक्टर मानिक सिंह बेदी ने 3 साल की अपनी उपलब्धियों के बारे में जानकारी दी। अब हरियाणा सरकार आयुष्मान व सभी टीपीए चैनल के बारे में भी बताया और कहा कि बहुत जल्द अस्पताल अपना कदम क्षेत्र के पहले सुपर स्पेशलिस्ट में रखेंगे। 
 निफा अध्यक्ष प्रितपाल पन्नू ने अस्पताल के कुशल मैनेजमेंट की तारीफ की व सब को एकजुट रहकर इस महामारी से लड़ने के लिए प्रोत्साहित किया। 
 डॉ आर आई सिंह ने कहा कि काॅविड के बाद जो लक्षण दिखाई दे जैसे कि थकावट, दस्त, उल्टी, सिरदर्द को हल्के में ना लें तथा नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क करें व वैक्सीनेशन अवश्य लगवाएं। 

डाक्टर तनु गोयल व संदीप सोनी ने अपने आप को शांत रहने व अपने मनोबल को कम ना होने के सुझाव दिए और कहा कि ऐसे ही  किसी भी गलत अफवाहों पर विश्वास ना करने को कहा। उन्होंने कहा कि सभी सामाजिक दूरी का पालन सख्ती से करें। 
इस मौके पर मुख्य रूप से डॉ विकास, डॉ मोहित, डॉ मुकेश, अमनदीप, मास्टर सेवाराम, काजल, धीरज, रविन्द्र व गुरनाम मुख्य रूप से मौजूद रहे।

वोट लिस्ट में भारी गड़बड़ी उजागर, शहर के 17 वार्डो की वोस्ट लिस्ट से गायब हुई सैकड़ों वोटें, 584 लोग दर्ज करवा चुके है आपत्तियां

 वोट लिस्ट में भारी गड़बड़ी उजागर, शहर के 17 वार्डो की वोस्ट लिस्ट से गायब हुई सैकड़ों वोटें, 584 लोग दर्ज करवा चुके है आपत्तियां
घरौंडा: पवन अग्रवाल

नगरपालिका चुनावों के लिए तैयार की गई मतदाता सूची में भारी गड़बड़ी उजागर हुई है।  शहर के 17 वार्डो की वोट लिस्ट में सैकड़ों वोटें गायब है। नपा द्वारा जारी की गई मतदाता सूची पर 500 से अधिक मतदाताओं ने अपनी वोटों को लेकर दावे व आपत्ति दर्ज करवाई है। कई वार्डो में वोट कटने व शिफ्टिंग का आंकड़ा काफी बड़ा है, जिसके बाद लिस्ट तैयार करने वाले बीएलओ की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हुए है। लोगों का आरोप है कि राजनीतिक षड्यंत्र के तहत वोटों में हेराफेरी की गई है।  

सरकार निकाय चुनावों की तैयारी कर रही है इसको लेकर शहर में मतदाता सूची को अपग्रेड किया जा रहा है।  नई वोटर लिस्ट बनने के साथ ही नपा की राजनीति भी शुरू हो गई। वार्डो में चुनावी व जातीय समीकरण फिट करने के लिए वोटर लिस्ट में गड़बड़ी करने के मामले सामने आ रहे है। शहर की लगभग 28 हजार वोटों में से करीब दो से अढाई हजार वोटें गायब है। लोगों का आरोप है कि वोटर लिस्ट में हुई गड़बड़ी के पीछे राजनीतिक कारण हो सकते है।  नगरपालिका द्वारा जारी की गई मतदाता सूची के खिलाफ 584 लोग आपत्तियां दर्ज करवा चुके है। आपत्ति दर्ज करवाने वाले में अधिकतर मामले दूसरे वार्डो में वोट शिफ्टिंग व मतदाता सूची से नाम कटने के बारे में है। उपमंडल कार्यालय में लोगों की आपत्तियों व दावों का सुनवाई की जा रही है। तहसीलदार रमेश कुमार के समक्ष पेश हुए मतदाताओं ने अपने दस्तावेज प्रस्तुत किये ताकि उनकी वोट नई लिस्ट में शामिल हो सके।  
वार्ड संख्या 9 में 572 वोट गायब-
वोटर लिस्ट से नाम गायब होने के बारे में शिकायत करने वाले वार्ड नौ निवासी अमन जोशी ने बताया कि उनके वार्ड में सबसे बड़ी गड़बड़ी हुई। विधानसभा चुनावों की मतदाता सूची और नगरपालिका द्वारा जारी की गई सूची के मिलान पर मालूम हुआ कि बूथ संख्या 154 व 155 में वोट संख्या 1 से 961 व 412 से 989 के बीच की करीब 572 वोट गायब है।  अमन जोशी ने कहा कि वोटों में गड़बड़ी मिलीभगत से भी की जा सकती है।  ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि गायब हुई 572 वोटों के लिए क्या प्रत्येक मतदाता को आपत्ति दर्ज करवाने के लिए समय दिया जायेगा।  
वार्ड आठ की लिस्ट में दो दर्जन परिवारों की वोट कटी-
उपमंडल कार्यालय में पहुंचे गौरव कुमार व जगबीर सैन ने बताया कि वे वार्ड आठ की किला कालोनी के निवासी है। उनके सत्रह से अठारह परिवारों की लगभग नब्बे वोटे नई लिस्ट में नहीं है। उनके परिवारों की वोटें कैसे कटी इस बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। आपत्ति दर्ज करवाने वाले लोगों के इलावा बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी जिनकी वोट कट चुकी है लेकिन उन्होंने इसकी जानकारी नहीं है। शिकायत करने वाले लोगों का कहना है कि सूची तैयार करने का जिम्मा संभाल रहे बीएलओ सर्वे के लिए उनके घरों तक नहीं पहुंचें।  वोटर लिस्ट में सामने आ रही गड़बडिय़ों से लिस्ट तैयार करने वाले बीएलओ की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हुए है।  
वर्जन-
नगरपालिका द्वारा मतदाता सूची तैयार की गई है इस लिस्ट को लेकर लोगों के आपत्तियां व दावे सुने जा रहे है।  शहर के सत्रह वार्डो से 584 आपत्तियां दर्ज हुई है जिनमें वोट शिफ्टिंग और वोट कटने के बारे में है। अब जो लोग फार्म भर कर दे रहे है उनकी वोट संबंधित वार्डो में जोड़ी जा रही है।  
-रमेश अरोड़ा, तहसीलदार घरौंडा।

राष्ट्रीय ध्वज देश की आज़ादी व संप्रभुता का होता है प्रतीक: पवन अग्रवाल

राष्ट्रीय ध्वज देश की आज़ादी व संप्रभुता का होता है प्रतीक: पवन अग्रवाल

सुप्रीम कोर्ट ने 2002 में राष्ट्रीय ध्वज फहराना घोषित किया मौलिक अधिकार: पवन 

दिल्ली : आशीष जिंदल 

आज करनाल लोकसभा क्षेत्र में विश्व हिन्दू वाहिनी के प्रदेश संगठन मंत्री पवन अग्रवाल व अन्य सदस्यों ने अंगीकरण दिवस पर   देशवासियों को शुभकामनाएं दी। इस अमर बलिदानियो व  देशभक्तों को श्रद्धांजलि अर्पित की। पवन अग्रवाल ने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज देश की आज़ादी और संप्रभुता का प्रतीक होता हैं। भारत बहुजनो का देश है। हिन्दू, मुस्लिम, ईसाई, यहूदी, पारसी, अन्य जाति और जनजाति जिनको राष्ट्रीय ध्वज एक सूत्र में बांधने का काम करता है।
अग्रवाल ने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज स्वतंत्रता संग्राम के लंबे संघर्ष का प्रतिनिधित्व करता है। भारतीय राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा पिंगली वेंकय्या द्वारा डिजाइन किया गया था जिसको भारत की संविधान सभा ने 22 जुलाई,1947 को अपनाया था। भारत का पहला ध्वज 1904-06 में स्वामी विवेकानंद की एक आयरिश शिष्य निवेदिता ने बनाया था जिसमे दो रंग लाल व पीला शामिल किये गए थे। इस ध्वज में बंगाली में ‘बोंदे मतोरम’, कमल का फूल और इंद्र देवता की वज्र शास्त्र का भी प्रयोग किया गया था। 

पवन ने कहा कि 1906 में एक और ध्वज को बनाया गया था जिसको कलकत्ता ध्वज व कमल ध्वज भी कहा जाता है। इसका ध्वजारोहण 7 अगस्त 1906 में भारत की एकता और अखंडता के लिए किया गया था। दूसरा ध्वज 1907 में मैडम भीकाजी कामा, वीर सावरकर और श्यामजी कृष्ण वर्मा द्वारा डिजाइन किया गया था।तीसरा ध्वज 1917 में बाल गंगाधर तिलक ने एक ध्वज को बनया जिसके शीर्ष पर यूनियन जैक था। ध्वज में पांच लाल और हरे रंग के चार स्ट्रिप्स निहित थी।  
उन्होंने कहा कि  ध्वज 1921 में गांधीजी के आग्रह से डिज़ाइन किया गया, जिसमे शीर्ष पर तो सफेद, हरा व नीचे लाल रंग था। पाँचवा ध्वज 1931 में एक और ध्वज को डिज़ाइन किया गया था जिसमे केसरिया का प्रयोग किया गया है। छठा ध्वज 1947 में एक समिति राजेंद्र प्रसाद की अध्यक्षता में भारत के राष्ट्रीय ध्वज का चयन करने के लिए गठित की गई थी। समिति स्वतंत्र भारत के ध्वज के रूप में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के झंडे को अपनाने का फैसला उपयुक्त संशोधनों के साथ- साथ 1931 के ध्वज को भारतीय ध्वज के रूप में अपनाया गया। लेकिन बीच में चरखा की जगह चक्र द्वारा बदल दिया गया व इस प्रकार हमारा राष्ट्रीय ध्वज अस्तित्व में आया। 

पवन अग्रवाल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 2002 में संविधान के अनुच्छेद 19 (i) (ए) के तहत ध्वज फहराने के अधिकार को मौलिक अधिकार के रूप में घोषित किया था।


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गुरुवार, 22 जुलाई 2021

पार्क बना तालाब, पानी की निकासी के नहीं है पुख्ता प्रबंध

पार्क बना तालाब, पानी की निकासी के नहीं है पुख्ता प्रबंध

 घरौंडा: पवन अग्रवाल

भारी बरसात के कारण रेलवे पार्क में जलभराव हो गया है। जिसकी वजह से आज सुबह रेलवे पार्क लोगों के लिए बंद रखा गया। जिसकी वजह से पार्क में आने वाले लोगों को वापिस लौटना पड़ा। पानी की निकासी न होने की वजह से जलभराव की दिक्कत सामने आई है। अधिकारियों का तर्क है कि बरसात ज्यादा होने की वजह से पानी भरा है, जो धीरे धीरे सूख जाएगा।

मानसून शुरू होने के बाद जलभराव की समस्या से शहरवासी परेशान है। सरकारी कार्यालयों, सड़कों, गलियों, अंडरपासों के साथ-साथ रेलवे का पार्क भी जलभराव की समस्या से अछूता नहीं रहा है। मंगलवार को हुई बारीश के कारण रेलवे पार्क में पानी भर गया। ऑपन एयर जिम से लेकर पगडंडियां भी पानी में डूबे नजर आए। सही तरीके से पानी की निकासी न होने के कारण जलभराव की समस्या सामने आई है। 

बुधवार की सुबह लोगों के लिए पार्क नहीं खोला गया। लोग पार्क की तरफ आए तो लेकिन ताला लटका देख वापिस लौट गए। लोगों को सैर सपाटे के लिए रेलवे प्लेटफार्म का सहारा लेना पड़ा। शहरवासियों का कहना है कि बारीश का पानी पार्क में खड़ा हुआ है। वे आज घुमने के लिए पार्क में आए थे लेकिन पार्क बंद है। पब्लिक पार्क को लोगों के लिए हर समय खोले रखा जाना चाहिए। वहीं इस संबंध में जब नगरपालिका सचिव रविप्रकाश शर्मा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि बारीश का पानी पार्क में खड़ा हुआ है, लेकिन वह धीरे धीरे सूख जाएगा। पब्लिक के लिए निर्धारित समय पर पार्क खोला जाता है। आज शाम भी लोग पार्क में घुम रहे थे। पार्क बंद नहीं किया गया है।

गुरुवार, 15 जुलाई 2021

माननीय ठाकुर मोहित पवांर के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में विश्व हिंदू वाहिनी संगठन का हुआ विस्तार: हाथरस

हयासन(हाथरस) :- आशीष जिन्दल

हसायन ब्लाक के ग्राम तालीम पुर में माननीय ठाकुर मोहित पवांर के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में विश्व हिंदू वाहिनी संगठन का हुआ विस्तार


हसायान 
        

    आज हाथरस जिले के हयासन क्षेत्र में विश्व हिन्दू वाहिनी के प्रदेश अध्यक्ष मोहित पवार जी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में बैठक का आयोजन किया गया जिसमें माननीय प्रदेश संगठन मंत्री श्री प्रबल प्रकाश वर्मा द्वारा नवनियुक्त पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरण किया गया।
बैठक का संचालन जिला अध्यक्ष हाथरस श्री प्रेम किशोर शर्मा द्वारा किया गया। वैठक में संगठन विस्तार हेतु तथ्यों पर चर्चा करते हुए सभी ने समाज के लोगो को हिंदुत्व के प्रति जागरूक करते हुए एक जुट करने की शपथ ली। और तन मन धन से संगठन को मजबूत कर नई ऊंचाइयों तक ले जाने का दृढ़संकल्प किया। बैठक में हाथरस जिले के संगठन मंत्री दुर्गेश चौहान जिला सचिव आलोक पाठक जिला महासचिव अरुण कुमार व अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे व उनको नियुक्ति पत्र वितरण किए। साथ ही  सभी ने माननीय प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर मोहित पंवार के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में ईश्वर से उनके उज्ज्वल भविष्य और  निःस्वार्थ समाज सेवा करने और दीर्घायु के लिए भगवान से प्रार्थना की साथ ही सभी को मिष्ठान का प्रसाद वितरण कर, सभी पदाधिकारियों द्वारा प्रदेश अध्यक्ष जी के दीर्घायु की शुभकामना की गयी।


सोमवार, 12 जुलाई 2021

स्मार्ट सिटी मिशन के तहत लघु सचिवालय के अग्रभाग पर वर्टिकल गार्डन से हो रहा सौंदर्यबौध: निशांत यादव

हरित दीवार पर एक तकनीक से विशेष प्रजाति के सजावटी व कार्बन डाईऑक्साईड को ऑक्सीजन में कन्वर्ट करने वाले लगाए गए 3300 पौधे, इस प्रोजेक्ट को शहर की दूसरी सरकारी ईमारतों पर किया जाएगा लागू-  निशांत यादव
करनाल: पवन अग्रवाल

शहर के मौजूदा स्वरूप और इसमें रह रहे लोगों की जीवन शैली को देखते करनाल स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने कई परियोजनाओं पर काम किया है। इनमें से एक है ग्रीन वाल या वर्टिकल गार्डन यानि हरित दीवार या ऊध्र्वाधर उद्यान। हालांकि इस प्रोजेक्ट को शहर की कई ईमारतों पर अपनाकर उन्हें सौंदर्यबोधक बनाया जाएगा, लेकिन इसकी पहली बानगी लघु सचिवालय के प्रेवश द्वार पर देखी जा सकती है, जो लगभग तैयार बनकर तैयार हो गया है। सोमवार को उपायुक्त एवं केएससीएल के सीईओ निशांत कुमार यादव ने इसकी जानकारी दी।

क्या है वर्टिकल गार्डन- 

उपायुक्त ने बताया कि वर्टिकल गार्डन या हरित द्वार का निर्माण भवन की आंतरिक और विशेष रूप से भवनो के बाहर दोनो में किया जाता है। इस तकनीक को लागू करने में एक क्षेत्र की अधिकतम क्षमता का उपयोग किया जा सकता है। यह सुंदरता के साथ-साथ पर्यावरण व मानव स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है। फिलहाल, स्मार्ट सिटी मिशन के तहत लघु सचिवालय भवन पर इसे लागू किया गया है, लेकिन इस प्रोजेक्ट को डॉ. मंगलसेन ऑडिटोरियम तथा नगर निगम के नए भवन पर दोहराया जाना प्रस्तावित है। उन्होंने बताया कि ईमारत के बाहरी अग भाग पर बनाई गई हरित दीवार इसे सूर्य की सीधी तपिश से बचाती है, जिससे गर्मी के दौरान ऊर्जा की खपत कम होकर ईमारत के अंदर तापमान भी काम हो जाता है और इसका हरा-भरा दृश्य दिलो दिमाग को सुकून देता है।
कैसे बनाई गई हरित दीवार-  

उपायुक्त ने बताया कि इस प्रोजेक्ट के लिए लघु सचिवालय के अग्रभाग में 95 वर्ग मीटर जगह लेकर उस पर एक तकनीक के सहारे 3300 पौधे, फाईबर निर्मित छोटे-छोटे गमलो में लगाए गए हैं। पौधो का चुनाव भी उनकी विशेषता और प्रकृति के अनुसार किया गया है, जिनका रख-रखाव आसानी से किया जा सकता है और जो अर्ध या पूर्ण धूप में मौसम के अनुरूप बने रह सकते हैं। इनमें सदाबहार, पत्ते झडऩे वाले छोटे-छोटे झाड़ीनुमा पौधे और जगह को अच्छे से कवर कर देने वाले पौधे शामिल हैं। प्रजाति में यह छपलेरा, डवार्फ, बोट लिलि, अल्टर्नथेरा ग्रीन व रेड, गोल्डन डोरांटा, वडिलिया तथा अस्पेरागस सप्रेंगरी हैं। इनमें कई प्रजाति औषधी पौधों की है, जो कार्बन डाईऑक्साईड को सोखकर उसे ऑक्सीजन में कन्वर्ट करते हैं। अलग-अलग पौधों को शामिल करने का मकसद स्पेस पर प्रतिरूपण कर उसे मौसमी रंगत देना है।

यह है तकनीक- 

हरित दीवार को बनाने के लिए एक विशेष तकनीक का सहारा लिया जाता है। पहले दीवार पर लोहे के फ्रेम को फिट किया जाता है और फिर उस पर बराबर आकार में प्लास्टिक निर्मित पॉट या गमलों के फ्रेम चढ़ाए जाते हैं। गमलों में ऊपर बताए गए पौधे मिट्टी में रोपे जाते हैं। खास बात यह है कि इसमें डिप इरिगेशन तकनीक से पौधों की सिंचाई होती है यानि बूंद-बूंद पानी सभी पौधो में जाता है, जो इजराईल की तकनीक है। पौधो को रोज पानी देने की जरूरत नहीं होती, हर तीसरे दिन देते हैं। एक ओर खास बात यह है कि ऑटोमेटिक तकनीक से सिंचाई के लिए इसमें टाईमर लगा होता है अर्थात जितनी जरूरत है, उतना ही पानी दिया जाता है। टाईमर का प्रयोग कहीं से भी मोबाईल सॉफ्टवेयर के जरिए किया जा सकता है। यदि करनाल में बारिश हो जाए और दूसरी जगह ना हो, तो शहर से बाहर बैठे व्यक्ति को उसका संदेश मिल जाता है, ऐसी सूरत में स्वत: ही सिंचाई की जरूरत नहीं होती।
उपायुक्त ने यह भी बताया कि वर्टिकल गार्डन देश की राजधानी और दूसरे बड़े-बड़े शहरों में देखी जा सकती है। इनमें राष्ट्रपति भवन, उच्च न्यायालय और मेट्रो पुल शामिल हैं। हरियाणा के करनाल में स्मार्ट सिटी मिशन के तहत यह पहला प्रोजेक्ट है।

स्कूल का निरीक्षण कर जानी ऑनलाईन शिक्षा की व्यवस्था: घरौंडा विधायक

विधायक  ने किया दहा स्कूल का निरीक्षण, जानी ऑनलाईन शिक्षा की व्यवस्था, शिक्षकों से की बातचीत

 
 घरौंडा: पवन अग्रवाल

घरौंडा विधायक ने सोमवार को गांव दहा के सरकारी स्कूल का दौरा किया और कोरोना महामारी के चलते स्कूल में बच्चों के अच्छे भविष्य व पढ़ाई के स्तर को और मजबूत करने व ऑनलाइन क्लासिस के विषय पर चर्चा की।
इस दौरान विधायक कल्याण ने पर्यटन सब्जेक्ट के अध्यापक अमित से एनएसक्यूएफ प्रोजैक्ट पर ऑनलाइन क्लासेज के बारे में पूरी जानकारी ली कि किस तरह महामारी के दौरान बच्चों को ऑनलाइन क्लासेस के माध्यम से बहुत ही अच्छी और सरल है शिक्षा दे रहे हंै।

 अध्यापक अमित ने अपने सारे लेक्चर को पहले प्रोजैक्ट पर रिकॉर्ड किया और बाद में अपना एक यू ट्यूब चैनल बनाकर लेक्चर अपलोड किया उस लेक्चर का लिंक विद्यार्थियों को व्हाट्सएप के माध्यम से भेजा जाता है जिस पर क्लिक करते ही सभी विद्यार्थी अपने लेक्चर को किसी भी समय और बहुत ही कम नेटवर्क डाटा का इस्तेमाल कर के देख सकते हैं।
विधायक कल्याण ने प्रिंसिपल अनुराधा शर्मा से चर्चा के दौरान कहा कि इस प्रकार की क्लासिस सभी अध्यापक ले ताकि कोरोना के दौरान स्कूल न आ रहे बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो और वो अपने घर पर ही इन क्लासिस के माध्यम से स्कूल जैसा माहौल महसूस करें।
विधायक कल्याण ने स्कूल की प्रिंसिपल से चर्चा के दौरान कहा की इस तरह की ऑनलाइन क्लासिस अन्य विषयों की भी आयोजित की जाए ताकि बच्चो की पढ़ाई का नुकसान न हो

नल से जल योजना के अंतर्गत सभी जिलों को कवर करने वाला हरियाणा बनेगा देश का पहला राज्य : संजय भाटिया

हरियाणा सरकार की पहल, शीघ्र ही नल से जल योजना के अंतर्गत सभी जिलों को कवर करने वाला हरियाणा बनेगा देश का पहला राज्य : संजय भाटिया
 

करनाल: पवन अग्रवाल

सांसद संजय भाटिया ने बताया कि प्रदेश में पेयजल आपूर्ति के लिए विशेष प्रयास किये जा रहे हैं। इसके लिए न केवल नहरी पानी की पर्याप्त उपलब्धता पर ध्यान दिया जा रहा है बल्कि हर घर तक नल से जल पहुंचाने की कवायद पर भी तेजी से कार्य हो रहा है। नल से जल योजना के अंतर्गत हरियाणा के आठ जिलों को पूर्ण रूप से कवर किया जा चुका है और शीघ्र ही सभी जिलों को कवर करने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य होगा। अटल भूजल योजना के अंतर्गत हरियाणा के 1,669 गांवों में भूजल का स्तर दर्ज करने की दिशा में पीजोमीटर लगाए जाएंगे और जल के पूर्ण सदुपयोग की योजनाएं तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि 'जल जीवन मिशनÓ के तहत सभी परिवारों को कार्यात्मक घरेलू नल कनेक्शन प्रदान करने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए तेजी से हो रहे कार्यों को देखते हुए केंद्र में हरियाणा सरकार की सराहना हुई है। इस योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार द्वारा हरियाणा के लिए 1,119.95 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। उल्लेखनीय है कि जल जीवन मिशन के सफल क्रियान्वयन में हरियाणा देश के प्रथम तीन राज्यों में शामिल है।

सांसद ने कहा कि जल जीवन का महत्वपूर्ण संसाधन है। इसके बिना जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती, इसे व्यर्थ न बहाएं। पिछले कुछ दशकों से भूमिगत जल का दोहन अंधाधुंध हुआ है जिसकी वजह से धरती पर जल संकट खड़ा हो गया है। नीति आयोग के एक रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2030 तक जल संकट और विकट हो जाएगा। भारत में दिल्ली, चेन्नई, बंगलौर व हैदराबाद में पेयजल की सबसे अधिक समस्या है। कैपटाऊन में पेयजल राशन कार्ड में मिलने लगा है। जल संरक्षण पर दीर्घकालीन योजनाएं बन रही हैं लेकिन आम आदमी इनके प्रति गंभीर नहीं है। जितना संभव हो सके पानी बचाना होगा वरना आक्सीजन संकट की तरह जल संकट से जूझना पड़ सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि गत दिनों मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने जल विषय पर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री के साथ मुलाकात करके महाग्राम योजना के अंतर्गत आने वाले 130 गांवों में 55 लीटर की अपेक्षा 130 लीटर प्रति व्यक्ति की दर से पेयजल तथा सीवरेज सुविधा उपलब्ध करवाने की दिशा में राज्य के प्रत्येक महाग्राम के लिए 25 करोड़ रुपए की दर से कुल 3,250 करोड़ रुपए उपलब्ध करवाने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को दिया है।
जल संरक्षण के प्रति सजगता
सांसद संजय भाटिया ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा जल संरक्षण व फसल विविधिकरण के प्रोत्साहन के लिए बीते वर्ष चलाई गई 'मेरा पानी-मेरी विरासत योजना के सकारात्मक परिणाम अब सामने आने लगे हैं। मुख्यमंत्री मनोहर लाल की दूरदर्शी सोच से बनी महत्त्वपूर्ण योजना के तहत 7,000 रुपए प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि व जल संरक्षण के प्रति ज़ागरूकता बढ़ी है। गिरते भूजल स्तर पर चिंता जाहिर करते हुए सांसद ने कहा कि आज हरियाणा के 36 खण्ड डार्क  जोन में आ चुके हैं। अगर जल संरक्षण के प्रति आज सजगता नहीं बरती गई तो भविष्य में स्थिति भयावह हो सकती है। बीते वर्ष भी राज्य की 95 हजार एकड़ भूमि में धान की बजाए कम पानी से होने वाली फसलों की खेती की गई थी। प्रदेश में 'मेरा पानी-मेरी विरासतÓ योजना के तहत एक लाख 13 हजार 885 किसान अब तक एक लाख 26 हजार 928 हैक्टेयर में धान की बजाए अन्य कम लागत वाली फसलों की खेती कर रहे हैं।
गहराता जल संकट
सांसद ने कहा कि सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के मुताबिक प्रदेश के 22 जिलों में से 14 जिलों में भूजल दोहन से उत्पन्न समस्या ने विकाराल रूप ले लिया है। सात जिलों में जल भराव तथा जलीय लवणता की समस्या है। भूजल दोहने के कारण वर्ष 2004 में राज्य के 114 ब्लॉक में से 55 ब्लॉक रेड जॉन में आ चुके थे जो करीब 48 फीसद थे। 2020 में 141 ब्लॉक में 85 ब्लॉक रेड जॉन में पहुंच गए जो 60 प्रतिशत हैं। इसलिए किसानों को चाहिए कि भूजल की निर्भरता कम की जाए और फसल विविधितता को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि आज नदियों की धारा कमजोर पड़ चुकी हैं, अनेक बिंदुओं पर तो धाराओं के केवल निशान बचे हैं। 55 फीसद कुएं सूख चुके हैं। तालाब तालाब नहीं रहे, बावड़ी व अन्य जलाशय भी निरंतर सूखते जा रहे हैं। बढ़ती गर्मी से यह समस्या और गंभीर होती जा रही है। खेती के ट्ïयूबवैलों के अलावा घर-घर लग चुके और लग रहे सबमर्सिबलों ने भूजल का पूरी निर्ममता से दोहन किया है।
हरियाणा जल संसाधन प्राधिकरण
प्रदेश में जल संसाधनों के संरक्षण, प्रबंधन और विनियमन के लिए हरियाणा जल संसाधन प्राधिकरण का गठन किया गया है। प्राधिकारण के पास सतही जल, भूजल और संशोधित व्यर्थ पानी सहित जल संसाधनों के संरक्षण, प्रबंधन और विनियमन की जि मेवारी होगी, जिसका अधिकार क्षेत्र समस्त राज्य होगा।

प्रवीण कौशिक की धर्मपत्नी कुसुम कौशिक का निधन रस्म पगडी 14 को

 प्रवीण कौशिक की धर्मपत्नी कुसुम कौशिक का निधन रस्म पगडी 14 को

 घरौंडा: पवन अग्रवाल

घरौंडा से प्रदेश अध्यक्ष विश्व हिन्दू वाहिनी हरियाणा  डॉ. प्रवीण कौशिक की धर्मपत्नी श्रीमति कुसुम कौशिक का 4 जुलाई को बीमारी के बाद देहांत हो गया है। वे 53 वर्ष की थी। वे अपने पीछे पति समेत एक विवाहित पुत्री व अविवाहित पुत्र व पुत्री छोड़ गए हैं।
वे एक धार्मिक प्रवृत्ति की महिला थी व नज़र आजतक समाचार पत्र की मालिक व सम्पादक थी। उनके निधन के समाचार से नगर में शोक की लहर दौड़ गई।
उनकी आत्मिक शांति के लिए रस्म क्रिया 14 जुलाई को सनातन धर्म मन्दिर घरौंडा में दोपहर 2 से 3 बजे होगी। कौशिक के निवास पर पहुंच कर सामाजिक, धार्मिक, राजनीतिज्ञों व पत्रकारों ने शोक व्यक्त किया।

‘न बजेगा शंख, न होने देंगे पूजा’ : काशी

आज न्यूज़ न बजेगा शंख, न होने देंगे पूजा... मकान मालिक का ऐलान, क्या ताले में ही बंद रहेंगे क्या ताले में ही बंद रहेंगे काशी के सिद्धिश्वर मह...